हैदराबाद। भारत की पूर्व इंटरनेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी और अर्जुन अवार्डी ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) ने शिकायत की है कि उन्हें उस समय नस्लीय टिप्पणी का सामना करना पड़ा है, जब उनका परिवार उनकी नानी की मृत्यु का शोक मना रहा है। गुट्टा ने ट्वीट किया, मैं अपनी ग्रैंड मॉम के खोने का शोक मना रही हूं, जो चीन में गुजर गईं। मुझे आश्चर्य हुआ कि मैं कोविड क्यों कहती हूं, चाइनीज वाइरस क्यों नहीं कहती।
गुट्टा का जन्म तेलुगु पिता क्रांति गुट्टा और चीनी मां येलन गुट्टा से हुआ था। उन्होंने कहा, हमारे समाज को क्या हो गया है ..कहां है सहानुभूति? .. हम कहां जा रहे हैं..यह शर्मनाक है।
गुट्टा ने उस व्यक्ति को भी एक्सपोज किया जिसने पूछा कि उनकी नानी क्या कोविड या चीनी वायरस से मरी थीं? बैडमिंटन खिलाड़ी के अनुसार, उनकी अम्मम्मा (तेलुगु में मां की मां) का चीनी नववर्ष की पूर्व संध्या पर निधन हो गया। उसने कहा कि उसकी मां हर महीने उनकी अम्मम्मा से मिलने जाती थीं, लेकिन कोरोनोवायरस के कारण हाल ही में ऐसा नहीं कर सकी।

ज्वाला ने अपने ट्विटर पर अपनी दादी के निधन की बात को शेयर करते हुए लिखा था, 'अम्मा गुजर गई चीन में सीएनवाई के मौके पर। मेरी मां हर महीने कम से कम दो बार उनसे मिलने जातीं थीं, लेकिन वह पिछले साल कोरोना की वजह से नहीं जा सकीं. इस कोविड ने हमको एहसास कराया है कि वर्तमान में रहना कितना जरूरी है. आपसे जो बन पड़े अपनों के लिए करिए, चाहें जब भी कर पाएं'.
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Source From
RACHNA SAROVAR
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