डिजिटल डेस्क ( भोपाल)। 17 साल पहले आज ही के दिन (11 फरवरी) को आस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड कप का महत्वपूर्ण मैच खेला जाना था और मैच से ठीक पहले महान स्पिनर शेन वॉर्न ड्रग्स लेने के कारण टूर्नामेंट से बाहर कर दिए गए और उन पर एक साल का प्रतिबंध भी लगाया गया। मैच से पहले वॉर्न ड्रग टेस्ट में फेल हो गए थे। उल्लेखनीय है कि 2003 में दक्षिण अफ्रीका, केन्या और जिम्बाब्वे ने संयुक्त रूप से वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी।
हालांकि, शेन वॉर्न ने मीडिया के सामने कहा था कि उन्होंने अपनी मां की सलाह पर वजन कम करने वाली दवा ली थी।’"मैं टेस्ट के रिजल्ट के बाद हैरान और परेशान हो गया था। मैंने प्रदर्शन बढ़ाने के लिए किसी भी प्रतिबंधित दवा का इस्तेमाल नहीं किया।’ एक तरफ, वॉर्न को प्रतिबंधित दवा के सेवन के कारण टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था और दूसरी तरफ खिताब बचाने उतरी डिफेंडिंग चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया के लिए यह सबसे बड़ा झटका था।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वॉर्न के टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें तुरंत वापस ऑस्ट्रेलिया भेजा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियन स्पोर्ट्स ड्रग्स एजेंसी ने उनका टेस्ट किया था। उसने कहा कि वॉर्न के यूरिन में मोडुरेटिक दवा पाई गई। यह तनाव, बल्ड प्रेशर को कंट्रोल करता है। इसे आईसीसी द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका था।
वॉर्न के टीम से बाहर होने के बाद भी आस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को मैच में बुरी तरह हराया। इस मैच में आस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 310 रन बनाए थे और लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम महज 228 रन पर आलआउट हो गई थी। इतना ही नहीं, कप्तान रिकी पोंटिंग ने खिलाड़ियों पर इसका ज्यादा असर नहीं होने दिया और उन्हें प्रेरित किया। टीम ने टूर्नामेंट में सभी 11 मैच जीतकर तीसरी बार वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया। पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया का यह पहला खिताब था। उसने फाइनल में भारत को हराया था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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