डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पुरुष मुक्केबाज सचिन (56 किग्रा) ने पोलैंड के किल्से में एआईबीए यूथ पुरुष और महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शुक्रवार को अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जीत दर्ज करके स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
इसके साथ ही भारत ने 8 स्वर्ण सहित 11 पदकों के साथ टूर्नामेंट का समापन किया। भारतीय महिला मुक्केबाजों ने सभी 7 स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले। पुरुष टीम ने एक स्वर्ण और तीन कांस्य पदक जीते।
20 सदस्यीय भारतीय दल ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 11 पदक हासिल करके इतिहास रच दिया है। इससे पहले, भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 10 पदकों का था, जो उसने 2018 में हंगरी में विश्व युवा चैंपियनशिप में जीता था।
पुरुषों के मुकाबले में फाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र हरियाणा के भिवानी जिले के सचिन ने टूर्नामेंट के 10वें और अंतिम दिन स्वर्ण पदक मुकाबले में कजाखस्तान के यब्बोलबाट साबिर को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
इससे पहले गुरुवार को, भारतीय महिलाओं की टीम ने इतिहास रचते हुए प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक प्राप्त किया। गीतिका (48 किग्रा), नोरेम बेबीरोजाना चानू (51 किग्रा), पूनम (57 किग्रा), विंका (60 किग्रा), अरुं धति चौधरी (69 किग्रा), टी सनमाचा चानू (75 किग्रा) और अल्फिया पठान (81 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। सात स्वर्ण पदकों के साथ महिला टीम नंबर 1 स्थान पर रही।
पुरुषों के वर्ग में विश्वामित्र चोंगथोम (49 किग्रा), अंकित नरवाल (64 किग्रा) और विशाल गुप्ता (91 किग्रा) ने सेमीफाइनल में देश के लिए तीन कांस्य पदक जीते। भारत ने इससे पहले गुवाहाटी में 2017 में पांच स्वर्ण पदक जीता था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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