डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अगले महीने होने वाले चुनावों में कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के रिश्तेदार पवन गुलाटी ने कहा है कि अगर वह चुने जाते हैं तो संघ के वित्तीय मुद्दों का निपटारा करेंगे। पेशे से वकील गुलाटी बीसीसीआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सी.के. खन्ना की पत्नी शशि खन्ना के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। डीडीसीए के चुनाव पांच से आठ नंबवर के बीच होने हैं।
गुलाटी ने आईएएनएस से कहा, चुनाव के बाद हम बैठकर बात करेंगे और जरूरी मुद्दों पर बात करेंगे। डीडीसीए एक खेल का क्लब और इसे किसी और चीज के लिए नहीं पहचाना जाना चाहिए। यह मेरा लक्ष्य है। निजी तौर पर और डीडीसीए के सदस्य के तौर पर मैं यह हासिल करना चाहूंगा। डीडीसीए के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए रोहन जेटली ने पहले ही आईएएनएस से कहा था कि वह संघ की सभी वित्तीय लेन-देन को वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक करेंगे।
डीडीसीए में जो वित्तीय मुद्दें हैं उनको सुलझाने के लिए गुलाटी के पास क्या रणनीति है? इस पर गुलाटी ने कहा, यह एक अलग चुनौती है। यह स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना देती है, लेकिन हम अच्छी लड़ाई लडेंगे। गंभीर ने गुलाटी को इस पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए मानाया है। गुलाटी ने साथ ही कहा कि उनके दिवंगत अरुण जेटली से भी अच्छे रिश्ते थे। जेटली 14 साल तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे।
गुलाटी ने कहा, हम डीडीसीए के सदस्य मूक दर्शक बने हुए थे। लेकिन ऐसा समय आता है, इसलिए यह अरुण जी के लिए है। मैं उन्हें लंबे समय से जानता था। यह जानने के बाद कि रोहन अध्यक्ष पद के लिए लड़ रहे हैं तो विचार यह था कि उनको मजबूत किया जाए। रोहन जेटली पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली के बेटे हैं। उन्होंने कहा, यह आपसी समझ है। किसी ने मुझे इसमें धकेला नहीं है। जिस समय रोहन का नाम आया, चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आप क्यों नहीं आते? जैसा मैंने कहा कि यह मेरी तरफ से अरुण जी को श्रद्धंजलि है। वह खेल को लेकर बेहद जुनूनी थे। अगर मैं चुनाव जीतता हूं तो विचार यह है कि कुछ अच्छा किया जाए और उनकी विरासत को आगे बढ़ाया जाए।
गुलाटी ने कहा कि संघ के वित्तीय मुद्दों को संभालने में समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, मैं लंबे समय से डीडीसीए का सदस्य रहा हूं। अब मैं संघ के प्रशासन में जाना चाहता हूं। एक बार मैं वहां पहुंच गया तो मुझे चीजों का समझने का थोड़ा समय मिलेगा। मुझे लगता है कि अभी तक हम चुप चाप सभी चीजों को देख रहे थे। उन्होंने कहा, एक बार जब मैं अंदर चला गया, मैं थोड़ा बहुत अकाउंट्स के बारे मे जानता हूं, तो मैं चीजों को पता लगा लूंगा। मैं जितने मुद्दे हो सुलझाने की कोशिश करूंगा। अकाउंट्स मेरा विषय रहा है और मैंने बी.कॉम किया है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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