डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीसीसीआई ने तीन नए चयनकर्तओं के लिए आवेदन मांगे हैं जो मौजूदा राष्ट्रीय चयन समिति में सरनदीप सिंह, जतिन प्रांजपे और देवांग गांधी का स्थान लेंगे। इन तीनों का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो गया है। बीसीसीआई हालांकि आवेदन मांगने की प्रक्रिया में अपने ही संविधान से आगे चली गई और उसने चयनकर्तओं की आयु सीमा 60 वर्ष ही मांगी है। इसने भारत के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर को रेस से बाहर रखा है जो हाल ही में बीसीसीआई की लगातार आलोचना करते आ रहे हैं। वेंगसरकर हालांकि 2007 से 2008 तक मुख्य चयनकर्ता रह चुके हैं।
बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक उसकी किसी भी समिति की सीमा, जिसमें राष्ट्रीय चयन समिति भी शामिल है,पांच साल है जबकि बीसीसीआई की मौजूदा चयन समिति में चयनकतार्ओं का कार्यकाल चार साल का है। बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक उम्र संबंधी सीमा 70 साल की है। बीसीसीआई के संविधान के नियम 6 (5) (बी) के मुताबिक वो शख्स जिसकी उम्र 70 साल या उससे ज्यादा है वो बोर्ड की किसी भी समिति का सदस्य नहीं बन सकता। वेंगसरकर ने हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की यह कहते हुए आलोचना की थी कि वह कई सारे काम खुद ही कर रहे हैं और मुख्य चयनकर्ता सुनील जोशी की तरफ से बयान दे रहे हैं।
बीसीसीआई ने सरनदीप, जतिन, गांधी के कार्यकाल को सितंबर के बाद भी जारी रखने की मंजूरी दे दी थी और इन्हीं ने आस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम का चयन भी किया। इन तीनों ने 21 सितंबर, 2016 को चयनसमिति में कदम रखा और उसी दिन इन तीनों को चार साल बाद कार्यकाल पूरा करने के बाद अपने पद छोड़ने थे। विज्ञापन में चयनकर्ताओं के लिए पैमाना हालांकि संविधान के मुताबिक है। विज्ञापन के मुताबिक, खिलाड़ी ने कम से कम सात टेस्ट मैच, और 30 प्रथम श्रेणी मैच, और 10 वनडे, और 20 प्रथम श्रेणी मैच और पांच साल पहले खेल से संन्यास लिया होना चाहिए। आवेदन 15 नवंबर, 2020 को शाम छह बजे तक जमा कराने होंगे। उसके बाद शॉर्टलिस्ट कर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। गांगुली ने हालांकि अभी तक आईएएनएस के सवालों का जवाब नहीं दिया है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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