डिजिटल डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आज मंगलवार को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के नए टाइटल स्पॉन्सर का ऐलान करेगी। नए टाइटल स्पॉन्सर का BCCI के साथ करार सिर्फ साढ़े चार महीने के लिए होगा। IPL के 13वें सीजन की टाइटल स्पॉन्सरशिप की रेस में टाटा संस कंपनी सबसे आगे है। वहीं योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि (Patanjali) इस रेस से बाहर हो गई है, जबकि उसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। इनके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग दिग्गज कंपनी एमेजॉन, अडानी ग्रुप, जियो, फैंटसी स्पोर्टस कंपनी ड्रीम 11, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सर और ऑनलाइन लर्निंग कंपनी बायजूज भी IPl 2020 का टाइटल स्पॉन्सर की रेस में शामिल हैं।
BCCI ने टाइटल स्पॉन्सरशिप की रकम 300 से 350 करोड़ रुपए की
कोरोनावायरस के कारण IPL का आयोजन इस साल 19 सितंबर से 10 नंबवर तक यूएई में होगा। BCCI ने IPL के नए टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए 10 अगस्त को टेंडर जारी किया था। बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 14 अगस्त थी। बता दें कि यह जरूरी नहीं कि सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को ही स्पॉन्सरशिप दी जाएगी। बीसीसीआई ने भारतीय मूल की कंपनियों को लुभाने के लिए स्पॉन्सरशिप की रकम को पहले की तुलना में कम कर दिया है। पहले यह रकम 440 करोड़ रुपए सालाना थी, लेकिन बोर्ड ने इसको अब 300 से 350 करोड़ रुपए सालाना कर दिया है।
BCCI 13-पॉइंट क्लॉज पर देगी टाइटल स्पॉन्सरशिप
सचिव जय शाह ने बोली लगाने वालों के लिए 13-पॉइंट क्लॉज की घोषणा की थी। इसमें कहा गया था कि नए टाइटल प्रायोजक के अधिकार 18 अगस्त से 31 दिसंबर 2020 तक की अवधि के लिए उपलब्ध हैं। इसके बारे में विस्तार से जानकारी उन्हीं पक्षों को दी जाएगी, जो EOI (एक्सप्रेस आफ इंटरेस्ट) जमा करेंगे और योग्य पाए जाएंगे। अंतिम ऑडिट किए गए खातों के अनुसार इच्छुक तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) का टर्नओवर INR 300 करोड़ (केवल भारतीय तीन करोड़ रुपये) से अधिक होना चाहिए। 13-पॉइंट क्लॉज में BCCI ने ये स्पष्ट किया है कि, सबसे ऊंची बोली लगाने वाले तीसरे पक्ष को अधिकार देने के लिए क्रिकेट काउंसिल बाध्य नहीं होगा। BCCI का फैसला कई अन्य बातों पर भी निर्भर करेगा।
VIVO हर साल BCCI को 440 करोड़ रुपए देता था
बता दें कि, भारत और चीन के बीच विवाद के चलते चीनी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी VIVO ने पिछले हफ्ते IPL 2020 के लिए टाइटल स्पॉन्सरशिप से अपना नाम वापस ले लिया था। BCCI ने भी 8 अगस्त को इस पर मुहर लगा दी थी। VIVO टाइटल स्पॉन्सशिप के लिए हर साल BCCI को 440 करोड़ रुपए का भुगतान करता था। कोरोनावायरस महामारी के चलते इस समय बाजार की हालत अच्छी नहीं है। इसलिए BCCI भी समझता है कि, एक साल के लिए कोई नई कंपनी शायद ही VIVO जितना भुगतान कर पाए।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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